Mittsure Olympiad Masters

मिट्स्योर ओलंपियाड मास्टर्स

भारत का सर्वश्रेष्ठ ओलंपियाड

ओलंपियाड एक विशेष परीक्षाएँ होती हैं, जो विश्वभर के स्कूलों में आयोजित की जाती हैं। इन परीक्षाओं के माध्यम से विशेष प्रतिभा, बौद्धिक योग्यता वाले छात्र अपनी उत्कृष्ट योग्यता का प्रदर्शन कर पाते हैं। इन परीक्षाओं का उद्देश्य है कि स्कूल छात्रों की प्रतिभा को पहचान सकें और उनकी बौद्धिक समझ तथा तार्किक कौशल का विकास कर सकें।

आज ओलंपियाड परीक्षाएँ एक वैश्विक प्रचलन बन चुकी हैं, जिनमें विज्ञान, गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान आदि विषयों में आकलन किया जाता है। भारत से लेकर अमेरिका तक, सिंगापुर से लेकर यूएई तक, 70+ देशों के छात्र विभिन्न ओलंपियाड चुनौतियों में भाग लेते हैं।

और ये परीक्षाएँ केवल प्रमाणपत्र या पदक प्राप्त करने तक ही सीमित नहीं हैं। यह परीक्षा भविष्य के लिए तैयार शिक्षार्थियों का निर्माण करती है, उनकी वैचारिक समझ को निखारती है, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में आत्मविश्वास बढ़ाती है, विश्लेषणात्मक और तार्किक सोच को सुधारती है, समय प्रबंधन और परीक्षा के दबाव से निपटने की क्षमता को विकसित करती है, साथ ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनुभव और पहचान भी दिलाती है।

ओलंपियाड छवि

ओलंपियाड परीक्षाओं का संक्षिप्त इतिहास

ओलंपियाड की शुरुआत कक्षा से नहीं हुई, बल्कि चुनौतियों के प्रति प्रेम से हुई थी। पहली अंतर्राष्ट्रीय गणित ओलंपियाड वर्ष 1959 में रोमानिया में आयोजित की गई थी। इसमें अलग-अलग देशों के छात्र एक साथ आए, ताकि वे दबाव में नहीं बल्कि जुनून के साथ समस्याएँ हल करें, गहन चिंतन करें और नई ऊँचाइयों को छुएँ। यही एक आयोजन एक वैश्विक आंदोलन की शुरुआत बना।


समय के साथ इसमें और भी विषय जुड़ते गएजैसे भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, खगोल विज्ञान और सूचना विज्ञान (इन्फ़ॉर्मेटिक्स)। ये प्रतियोगिताएँ अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड्स के नाम से जानी जाने लगीं और इन्होंने दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली छात्रों को आकर्षित किया।

भारत ने इस वैश्विक ओलंपियाड यात्रा में 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में कदम रखा। माना जाता है कि भारत की आधिकारिक भागीदारी गणित ओलंपियाड से शुरू हुई। इस दिशा में होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE) ने अहम भूमिका निभाई यह न केवल छात्रों को प्रशिक्षण देता है, बल्कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इन प्रतियोगिताओं में भेजने का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

1989 में, भारत ने पहली बार अंतर्राष्ट्रीय गणित ओलंपियाड (IMO) में भाग लिया। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर की टीम एक संरचित और बहु-स्तरीय प्रक्रिया के माध्यम से चुनी गई थी। यह कदम इस बात का प्रतीक था कि देश अब अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतियोगिताओं के लिए प्रतिभा को निखारने के लिए गंभीर रूप से प्रतिबद्ध है।


इस प्रयास को संभव बनाने में मुंबई स्थित होमी भाभा विज्ञान शिक्षा केंद्र (HBCSE) ने अग्रणी भूमिका निभाई। राष्ट्रीय उच्चतर गणित बोर्ड (NBHM) और परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के मार्गदर्शन में, HBCSE आधिकारिक नोडल एजेंसी बना, जो भारतीय छात्रों को विभिन्न विज्ञान और गणित ओलंपियाड्स के लिए प्रशिक्षित करने, चयन करने और मार्गदर्शन देने की जिम्मेदारी निभाता है।


भारत की भागीदारी केवल गणित तक सीमित नहीं रही। जल्द ही देश ने भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, खगोल विज्ञान और सूचना विज्ञान (Informatics) के अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड्स में भी टीमें भेजना शुरू किया। HBCSE प्रत्येक विषय के लिए राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं और प्रशिक्षण शिविरों का समन्वय करता है।

इन विषयों में चयन की बहु-स्तरीय प्रक्रिया अपनाई जाती है:

  • छात्र सबसे पहले राष्ट्रीय मानक परीक्षाओं (NSEs) में भाग लेते हैं, जो भारत के सैकड़ों केंद्रों पर आयोजित होती हैं।
  • चयनित छात्र भारतीय राष्ट्रीय ओलंपियाड्स (INOs) में आगे बढ़ते हैं।
  • सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को HBCSE में आयोजित ओरिएंटेशन-कम-सेलेक्शन कैंप्स (OCSCs) के लिए आमंत्रित किया जाता है, जहाँ उन्हें उन्नत प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलता है।
  • अंततः, एक छोटी सी टीम का चयन किया जाता है जो भारत का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करती है।

यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि छात्रों को हर कदम पर सहयोग मिलेसिर्फ प्रतियोगिता के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत विकास और सीखने के लिए भी।

1996 में, भारत ने गर्व के साथ मुंबई में अंतर्राष्ट्रीय गणित ओलंपियाड (IMO) की मेजबानी की और वैश्विक ओलंपियाड समुदाय में अपनी भूमिका और मजबूत की। आने वाले वर्षों में, भारत ने अन्य अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड्स जैसे IBO (जीव विज्ञान) और IOAA (खगोल विज्ञान और खगोलभौतिकी) की भी मेजबानी की।

हर साल, देशभर के स्कूलों से लाखों छात्र राष्ट्रीय ओलंपियाड परीक्षाओं में बैठते हैं। लेकिन इनमें से केवल कुछ सौ छात्र ही अंतिम चरण तक पहुँच पाते हैं। यही कारण है कि यह एक छात्र के जीवन की सबसे प्रतिस्पर्धी और प्रतिष्ठित शैक्षणिक यात्राओं में से एक मानी जाती है।

आज, भारतीय छात्र अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड्स से लगातार स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। कई पूर्व ओलंपियाड प्रतिभागियों ने बाद में शैक्षणिक और शोध के क्षेत्र में वैश्विक पहचान हासिल की है।

Olympiad History Image
MOM Logo

प्रतिभा की पहचान और उसे मंच देना MOM का मूल सिद्धांत।

ओलंपियाड हमेशा से उत्कृष्टता का प्रतीक रहे हैं। ये छात्रों को साधारण से आगे बढ़ने, रचनात्मक रूप से समस्याएँ हल करने, आलोचनात्मक सोचने और गहन अन्वेषण करने की चुनौती देते हैं।

लेकिन सालों से, यह अवसर सिर्फ कुछ गिने-चुने छात्रों तक ही सीमित रहा हैबड़े शहरों के बच्चों तक, अच्छी सुविधाओं वाले स्कूलों तक, या फिर निजी कोचिंग से जुड़े हुए छात्रों तक।

फिर बाकी बच्चों की प्रतिभा क्यों अनदेखी हो?

उस छोटे शहर की उस प्रतिभाशाली लड़की का क्या, जो गणित की पहेलियाँ अपनी शिक्षिका से भी तेज़ हल कर देती है?

या उस जिज्ञासु लड़के का क्या, जो सरकारी स्कूल में विज्ञान की कक्षा में हमेशा "क्यों" पूछता रहता है?

उनके भीतर क्षमता है। प्रतिभा है। पर उनके पास हमेशा पहुंच नहीं होती।

इसीलिए हमने बनाया Mittsure Olympiad Masters (MOM)

मिटस्योर में हमारा मानना है कि सीखना कभी भी पिन कोड, पृष्ठभूमि या कोचिंग की सुविधा से सीमित नहीं होना चाहिए।

प्रतिभा हर जगह मौजूद है हर स्कूल में, हर गाँव में, हर घर में। ज़रूरत बस एक मौके की है, ताकि वह चमक सके।

ज़रा सोचिए अगर किसी ने शकुंतला देवी की संख्याओं की अद्भुत प्रतिभा को तभी पहचान लिया होता जब वह सिर्फ पाँच साल की थीं? अगर कल्पना चावला ने अपने छोटे शहर की सीमाओं से बाहर सपने देखने की हिम्मत न की होती? अगर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जिज्ञासा रामेश्वरम के किनारों तक ही सीमित रह जाती?

दुनिया ऐसे बच्चों से भरी हुई है जिनमें अविश्वसनीय क्षमता है। लेकिन हर बच्चे को हमेशा मौका या मंच नहीं मिलता, जिससे वह अपनी प्रतिभा दिखा सके।

यही है जिसे बदलने के लिए MOM काम कर रहा है।

भारत में ऐसे छात्र हैं- जो अपने दिमाग में जटिल समस्याएँ हल कर लेते हैं, कक्षा में शानदार सवाल पूछते हैं, या चुपचाप दूसरों को बेहतर सीखने में मदद करते हैं, लेकिन कभी पहचाने नहीं जाते।

कभी वे पहुंच की कमी से रुक जाते हैं। कभी उन्हें बस यह नहीं पता होता कि शुरुआत कहाँ से करें।

Mittsure Olympiad Masters (MOM) इन छुपे हुए रत्नों को सामने लाता है। इसे खास तौर पर मेट्रो शहरों से आगे, छोटे कस्बों, गाँवों और उन शिक्षार्थियों तक पहुँचने के लिए बनाया गया है, जिन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। ताकि जहाँ कहीं भी प्रतिभा हो, उसे वह मंच मिल सके जिसकी वह हक़दार है।

क्योंकि प्रतिभा सिर्फ कोचिंग हब्स या बड़े स्कूलों में ही नहीं होती। यह देश के हर कोने में मौजूद है। और जब उस प्रतिभा को एक निष्पक्ष मौका मिलता है, तो उसके नतीजे पूरी दुनिया को चौंका सकते हैं।

यही MOM की असली पहचान है।

एक खुशहाल, निष्पक्ष और सशक्त करने वाला ओलंपियाड अनुभवहर शिक्षार्थी के लिए, हर जगह।

यह कार्यक्रम शिक्षाविदों, IITians और शिक्षा विशेषज्ञों की टीम के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है, जिनके पास संयुक्त रूप से 5 दशकों से अधिक का अनुभव है।

डॉ. पी. अग्रवाल

डॉ. पी. अग्रवाल

विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त गणितज्ञ और शिक्षक, जिन्हें (2020-2024) के दौरान Stanford University द्वारा विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में स्थान दिया गया। वर्ष 2025 में Research.com द्वारा उन्हें भारत में 13वां तथा वैश्विक स्तर पर 1297वां स्थान प्राप्त हुआ।
विनोद पवार

विनोद पवार

TutorLive के संस्थापक एवं CEO तथा IIT Madras (2007-09) के स्वर्ण पदक विजेता। 15+ वर्षों के अनुभव के साथ उन्होंने VIT University में अध्यापन किया, राष्ट्रीय स्तर की शैक्षिक परियोजनाओं का नेतृत्व किया और T.I.M.E. में Franchise Director के रूप में कार्य किया। साथ ही, उन्होंने विदेश मंत्रालय के अंतर्गत ब्रिस्बेन, ऑस्ट्रेलिया में भी सेवाएँ दीं।
प्रो. (डॉ.) अनिल धवन

प्रो. (डॉ.) अनिल धवन

20+ वर्षों के शिक्षण एवं शोध अनुभव वाले वरिष्ठ भौतिक विज्ञानी। BARC के Young Scientist Award से सम्मानित, इन्होंने 46+ शोध पत्र प्रकाशित किए हैं और कई महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाओं का नेतृत्व किया है। साथ ही, ये UKIERI-AICTE Master Trainer के रूप में देशभर में फैकल्टी को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं तथा RTU, कोटा के Board of Studies के सदस्य हैं।

राष्ट्रीय स्तर की ओलंपियाड परीक्षा

सोच, नई दिशा – भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए

आज की तेजी से बदलती दुनिया में, छात्रों को केवल पाठ्यपुस्तक ज्ञान से अधिक की आवश्यकता है। उन्हें भविष्य में सफल होने के लिए विश्लेषणात्मक सोच, समस्या-समाधान कौशल और बौद्धिक जिज्ञासा विकसित करनी होगी।

Mittsure Olympiad Masters (MOM) एक राष्ट्रीय शैक्षणिक मंच है, जो छात्रों को अपनी क्षमता को पहचानने, अपनी बुनियादी समझ को मजबूत करने और पूरे देश के साथियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रेरित करता है।

एक सुव्यवस्थित और प्रगतिशील दृष्टिकोण के माध्यम से, MOM छात्रों को आत्मविश्वासी शिक्षार्थी, आलोचनात्मक विचारक और भविष्य के लिए तैयार व्यक्तियों के रूप में विकसित करता है।

मिट्स्योर ओलंपियाड मास्टर्स ही क्यों?

अवधारणा-आधारित शिक्षण

शैक्षणिक अवधारणाओं की गहरी समझ और उनके अनुप्रयोग को बढ़ावा देता है।

आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक कौशल

तार्किक सोच, विश्लेषणात्मक क्षमता और शैक्षणिक आत्मविश्वास का विकास करता है।

राष्ट्रीय स्तर की पहचान

छात्र देशभर के साथियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं और अपनी उपलब्धियों के लिए पहचान प्राप्त करते हैं।

भारतभर में समावेशी पहुंच

अंग्रेज़ी और हिंदी दोनों माध्यमों में समान सीखने के अवसर प्रदान कर क्षेत्रीय सीमाओं को समाप्त करता है।

आकर्षक पुरस्कार

हर प्रतिभागी के लिए पहचान, और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों के लिए पुरस्कार — रोमांचक अवार्ड्स, प्राइज और प्रमाणपत्र सभी का इंतज़ार कर रहे हैं।

सिर्फ परीक्षा नहीं, एक पूरा अनुभव

एक पूर्ण शैक्षणिक सहयोग प्रणाली

MOM इस विश्वास पर आधारित है कि बड़े स्तर के शैक्षणिक कार्यक्रमों में पहुंच के साथ ज़िम्मेदारी का संतुलन होना चाहिए।

675+ जिलों में उपस्थिति और 650+ ऑन-ग्राउंड प्रतिनिधियों के मजबूत नेटवर्क के साथ, जिसमें हर जिले में एक समर्पित प्रतिनिधि शामिल है। मिट्स्योर जमीनी स्तर पर सहायता, रियल-टाइम समन्वय और सभी क्षेत्रों में निरंतर डिलीवरी सुनिश्चित करता है। यह एक ऐसा सिस्टम बनाता है, जिस पर स्कूल वास्तव में भरोसा कर सकते हैं।

विद्यालय MOM को क्यों पसंद करते हैं

  • क्योंकि सहायता केवल कॉल पर नहीं — जमीनी स्तर पर उपलब्ध है
  • क्योंकि पुरस्कार सीमित नहीं — हर स्तर पर व्यवस्थित हैं
  • क्योंकि छात्र सिर्फ भाग नहीं लेते — हर कदम पर लाभ प्राप्त करते हैं
  • क्योंकि निष्पादन केवल वादा नहीं — लगातार पूरा किया जाता है

MOM को वास्तव में अलग क्या बनाता है?

हर छात्र के लिए सुनिश्चित मूल्य

हर प्रतिभागी को ₹100 का MittStore वाउचर (प्रति विषय) मिलता है — ऐसा लाभ जो अन्य कोई ओलंपियाड लगातार प्रदान नहीं करता।

टॉपर्स से आगे भी पहचान

स्कूल, जिला और राष्ट्रीय स्तर पर MOM यह सुनिश्चित करता है कि हर योग्य छात्र को पहचान मिले — सिर्फ कुछ टॉपर्स को नहीं।

वास्तविक सहयोग, मजबूत नेटवर्क

650+ प्रतिनिधियों के साथ, स्कूल कभी अकेले नहीं होते — सहायता हमेशा सुलभ, उत्तरदायी और जवाबदेह होती है।

विश्वसनीय निष्पादन

मानकीकृत प्रक्रियाएं और जमीनी स्तर पर निगरानी समय पर परीक्षा, सटीक परिणाम और सुचारु पुरस्कार वितरण सुनिश्चित करती हैं।

पहले ही वर्ष में 675+ जिलों के स्कूलों का भरोसा हासिल किया

हर समय आपके साथ भरोसेमंद सहयोग

एक समर्पित टीम और मजबूत ग्राउंड सपोर्ट के साथ, Mittsure पूरे ओलंपियाड के दौरान तेज़ सहायता, बेहतर समन्वय और भरोसेमंद सपोर्ट सुनिश्चित करता है।

???? 1800 891 7070

✉ support.olympiad@mittsure.com

MITTSURE OLYMPIAD MASTERS (MOM)

कम उम्र में प्रतियोगी परीक्षाओं का अनुभव

छोटी उम्र से ही आत्मविश्वास बढ़ाता है, मजबूत शैक्षणिक नींव बनाता है और प्रतियोगी बढ़त देता है।

एक्सक्लूसिव MittStore कूपन

हर रजिस्टर्ड छात्र को (प्रति विषय) ₹100 का कूपन, जिसे MittStore.com पर रिडीम किया जा सकता है।

स्कूल से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहचान

स्कूल, जिला, राज्य, जोनल और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान — उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मेडल और कैश रिवॉर्ड्स।

समग्र विकास का अवसर

तार्किक सोच, समस्या-समाधान जैसे कौशल विकसित कर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देता है।

शैक्षणिक जिज्ञासा को बढ़ावा

क्लासरूम में बेहतर भागीदारी और सीखने की क्षमता को मजबूत बनाता है।

फ्री डिजिटल कंटेंट

सभी विषयों के लिए डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। (GK & IQ को छोड़कर, जिनके लिए करंट अफेयर्स PDF के रूप में ऑनलाइन साझा किए जाएंगे)

हर प्रतिभागी के लिए प्रमाणपत्र

आत्मविश्वास बढ़ाने और शैक्षणिक प्रोफाइल को मजबूत बनाने में सहायक।

परफॉर्मेंस रिपोर्ट (SPR)

विस्तृत विश्लेषण, जिससे छात्र अपनी परफॉर्मेंस समझकर बेहतर सुधार कर सकें।

OMR शीट प्रैक्टिस

सटीकता और गति बढ़ाने के साथ, छात्रों को वास्तविक परीक्षा पैटर्न से परिचित कराता है।

अभिभावक संतुष्टि और सहभागिता सुनिश्चित

बच्चे के विकास में स्कूल की सक्रिय भूमिका को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

राष्ट्रीय स्तर के विजेता

Winner 1
Winner 3
Winner 4
Winner 5
Winner 6
Winner 7
Winner 8
Winner 9
Winner 10
M Winner 4
M Winner 5
M Winner 7
M Winner 8
M Winner 10

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